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ARTICLE : Crime and Criminal Tracking Network अपराध और अप‍राधियों की पहचान के लिए संजाल (नेटवर्क)
Wednesday, 18 July 2012 01:17

Crime and Criminal Tracking Network

अपराध और अप‍राधियों की पहचान के लिए संजाल (नेटवर्क)

The Crime and Criminal Tracking Network and Systems (CCTNS) project is a mission mode project under the National, e-Governance Plan being implemented by the Ministry of Home Affairs. The project aims at creating a comprehensive and integrated system and a nation-wide networked solution for connecting more than 15,000 Police Stations and nearly 6,000 higher offices in 28 States and 7 UTs of the country for sharing of real-time crime and criminal information.

The project has been conceptualized based on the principle of 'Centralized Planning and Decentralized Implementation'. A Core Application Software (CAS) is being developed with common definitions, scheme and specifications at the Central level which would be handed over to the States/UTs for State specific customization. However, States which have been allowed to continue to run on their existing applications have to align their existing software to facilitate information exchange with CAS.

The States/UTs have complete operational independence in project implementation. The implementation is through Bundle of Services wherein a System Integrator agency implements all the requisite services as defined by Service level agreements with the States/UTs. A strong governance mechanism with various Committees has also been created as a part of CCTNS project to ensure quality and for timely completion of project.


  • Make the police functioning citizen friendly, transparent, accountable, effective and efficient by automating the process and functions at the level of the police stations and other police offices at various levels.
  • Improving delivery of citizen-centric services through effective usage of Information and Communication Technology (ICT).

  • Facilitate collection, storage, retrieval, analysis, transfer and sharing of information among police stations, districts, State headquarters and other organizations/ agencies, including those at Government level.

  • Enabling and assisting the senior Police Officers in better management of police force.

  • Keep track of the progress of the crime and criminal investigation and prosecution cases, including progress of cases in the courts.

  • Reduction in manual and redundant record keeping.

The CCTNS project aims at providing online services to the Citizens. The following is an indicative list of the same:

  • Filing of complaints/information to the concerned police stations.

  • Obtaining the status of the complaint or case registered at police station.

  • Obtaining the copies of FIRs, post-mortem reports and other permissible documents etc.

  • Details of arrested persons/wanted criminals and their illegal activities etc.

  • Details of missing/kidnapped persons and their matching with arrested, unidentified persons and dead bodies.

  • Details of stolen/recovered vehicles, arms and other properties.

  • Submission of requests for issue/renewal of various NOCs, clearances and permits and status of such requests online.

  • Verification requests for servants, employment, passport, senior citizen registrations etc.

  • Portal for sharing information and enabling citizens to download required forms/certificates etc.

A Core Application Software (CAS) has been developed and is being tested by the Software Development Agency at the Central level. The CAS would be implemented both at Central level and States/UTs to enable information exchange for crime and criminal tracking as per objectives of CCTNS project. The CAS would be further customized as required by the States/UTs and implemented at States/UTs by the System Integrator agencies.

A nation-wide network and connectivity solution is being implemented by the network solution provider and the readiness survey is currently underway for implementation of the network. It has been completed for 28 States/UTs as of 15.03.2012

The commissioning of IT infrastructure for implementation of national data centre and disaster recovery siteare in advanced stage. Deployment of CAS will happen after software certification by STQC. System Integrators have been finalized in 16 States/UTs and rest are in various stages of finalization. All States/UTs have implemented project initiation activities in terms of capacity building and strengthening of training institutions.

अपराध और अप‍राधियों की पहचान के लिए संजाल (नेटवर्क)

अपराध और अपराधी पहचान प्रणाली (सीसीटीएनएस) परियोजना को राष्‍ट्रीय ई-गवर्ननेंस परियोजना के अंतर्गत गृह मंत्रालय क्रियान्वित कर रहा है। परियोजना का लक्ष्‍य अपराध और अपराधियों से जुड़ी सूचनाओं के समयबद्ध आदान प्रदान करना है जिसके लिए देश के 28 राज्‍यों और 7 संघ शासित क्षेत्रों के 15 हजार से ज्‍यादा पुलिस थानों और लगभग 6000 बड़े दफ़्तरों को एक नेटवर्क में जोड़कर एकीकृत किया जाना है।

यह परियोजना ‘केन्‍द्रीयकृत योजना और विकेन्द्रित क्रियान्‍वयन’ की परिकल्‍पना पर आधारित है। केन्‍द्रीय स्‍तर पर एक कोर एप्‍लीकेशन सॉफ्टवेयर (सीएएस) समान परिभाषा, योजना और विशेष विवरण के साथ तैयार किया गया है, जिसे राज्‍यों और संघशासित क्षेत्रों को उनकी अपनी आवश्‍यकता के अनुरूप बदलाव के लिए सौंपा जाएगा। हालांकि जिन राज्‍यों ने अपने वर्तमान एप्‍लीकेशन प्रणाली को जारी रखना चाहा है, सूचना विनिमय को सरल बनाए रखने के लिए उनकी प्रणाली को सीएएस के साथ जोड़ा जाएगा।

राज्‍यों और संघशासित क्षेत्रों को परियोजना के क्रियान्‍वयन में पूरी स्‍वतन्‍त्रता रहेगी। इसका क्रियान्‍वयन राज्‍यों और संघशासित क्षेत्रों के साथ सेवा स्‍तर अनुबंध में स्‍पष्‍ट की गई परिभाषा के अन्‍तर्गत सभी सेवाओं का क्रियान्‍वयन करने वाली सिस्‍टम इंटीग्रेटर एजेंसी के अधीन ही किया जाएगा। परियोजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्‍तापूर्ण तरीके से क्रिया‍न्‍वयन को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न समितियों के द्वारा एक सशक्‍त प्रशासनिक तंत्र भी तैयार किया गया है।


  • पुलिस कार्यालयों और थानों को पर विभिन्‍न स्‍तरों पर प्रक्रिया को स्‍वचालित करके पुलिस कार्यप्रणाली को नागरिक मित्र, पारदर्शी, जवाबदेह, कुशल और उपयोगी बनाना।
  • सूचना और संचार तकनीकि (आइसीटी) के प्रभावी इस्‍तेमाल के द्वारा ना‍गरिक-केन्द्रित सेवाओं में सुधार लाना।
  • संग्रहण, संचयन, पुन:सुधार, विश्लेषण और स्‍थानांतरण को आसान बनाना। पुलिस थानों, जिलों, राज्‍य के पुलिस मुख्‍यालयों और सरकार की अन्‍य एजेन्सियों और कार्यालयों के बीच सूचनाओं को साझा करना।
  • पुलिस बल के बेहतर प्रबंधन के लिए वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारियों को अधिकार और स‍हायता देना।
  • अपराध, अपराधियों की जांच और अदालतों में चल रहे मामलों की प्रगति सहित अभियोजन मामलों का रिकॉर्ड रखना।
  • हाथ से लिखे जाने वाले और अनावश्‍यक रिकॉर्ड में कमी लाना।

सीसीटीएनएस परियोजना का लक्ष्‍य नागरिकों को ऑनलाइन सेवा उपलब्‍ध कराना है। इसके प्रमुख बिन्‍दु निम्‍नलिखित हैं:-

  • संबंधित थानों में सूचना देना या शिकायत दर्ज कराना।
  • रजिस्‍टर किए गए मामले की प्रगति के बारे में जानकारी लेना।
  • एफआईआर, पोस्‍ट-मॉर्टम और अन्‍य अनुमन्‍य दस्‍तावेज हासिल करना।
  • गिरफ्तार व्‍यक्ति अथवा वांछित अपराधी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी लेना।
  • गुमशुदा अ‍थवा अपहृत व्‍यक्ति और हिरासत में लिए व्‍यक्ति, अज्ञात व्‍यक्तियों और शवों से जुड़ी जानकारी लेना।
  • चोरी या बरामद गाडि़यों, हथियारों तथा अन्‍य संपत्तियों का विवरण लेना।
  • विभिन्‍न अनापत्ति प्रमाण पत्रों जारी करने और नवीनीकरण के लिए तथा चालान और प‍रमिटों के लिए आवेदन करना और इसकी प्रगति जानना।
  • नौकरों, रोजगार, पासपोर्ट, वरिष्‍ठ नागरिक रजिस्‍ट्रेशन आदि के सत्‍यापन का अनुरोध करना।
  • सूचनाएं साझा करने और विभिन्‍न फॉर्मों तथा प्रमाणपत्र डाउनलोड करने के लिए एक पोर्टल तैयार करना।

तैयार किए गए कोर एप्‍लीकेशन सॉफ्टवेयर (सीएएस) को केन्‍द्रीय स्‍तर पर सॉफ्टवेयर विकास एजेंसी द्वारा जांचा गया है। राष्‍ट्रीय स्‍तर पर नेटवर्क समाधान प्रदाता द्वारा नेटवर्क और संयोजन समाधान क्रियान्वित किया जा रहा है। नेटवर्क के क्रियान्‍वयन के लिए वर्तमान में शीघ्र सर्वेक्षण किया जा रहा । इसे 28 राज्‍यों और संघशासित क्षेत्रों में 15 मार्च, 2012 तक पूरा किया जा चुका है।

राष्‍ट्रीय आंकड़ा केन्‍द्र और आपदा राहत केन्‍द्र के क्रियान्‍वयन के लिए सूचना तकनीकि संसाधनों को चालू करने का काम प्र‍गति पर है। सीएएस को स्‍थापित करने का काम एसटीक्‍यूसी से साफ्टवेयर प्रमाणन के बाद किया जाएगा। प्रणाली एकीकरण 16 राज्‍यों और संघशासित क्षेत्रों में किया जा चुका है जबकि बाकी राज्‍यों में जल्‍द ही पूरा कर लिया जाएगा। सभी राज्‍यों और संघशासित क्षेत्रों ने प्रशिक्षण संस्‍थानों को सशक्‍त करने और क्षमता निर्माण के लिए परियोजना की शुरूआत की गतिविधियों में भागीदारी की है।